स्रोत पर कचरा अलग करें: 2016 के नियम हर घर और सोसाइटी से क्या चाहते हैं
रोज़ लगभग 1,100 टन, जिसका ज़्यादातर हिस्सा बिना प्रोसेस किए रह जाता है। आधा समाधान निवासियों के हाथ में है।
गुरुग्राम में हर दिन लगभग 1,100 टन कचरा निकलता है और उसका बहुत थोड़ा हिस्सा ही प्रसंस्कृत होता है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 निगम और कचरा पैदा करने वाले, दोनों पर ज़िम्मेदारियाँ तय करते हैं।
हर घर के लिए
- तीन हिस्से: गीला, सूखा, और घरेलू खतरनाक कचरा (बैटरी, दवाइयाँ, सैनिटरी कचरा, पेंट)।
- कचरा केवल अधिकृत संग्रहकर्ता को ही दें; न कहीं फेंकें, न जलाएँ।
- निर्माण का मलबा तय जगह पर जाए, सड़क किनारे नहीं।
हर वह सोसाइटी जहाँ दिन में 100 किलो से ज़्यादा कचरा निकलता है
ज़्यादातर गेटेड सोसाइटियाँ और ऑफ़िस परिसर थोक कचरा उत्पादक (बल्क जनरेटर) हैं। उन्हें गीला कचरा अपने परिसर में या किसी अधिकृत एजेंसी के ज़रिए प्रसंस्कृत करना होता है। जिन सोसाइटियों ने ऐसा किया है, उन्होंने लैंडफ़िल जाने वाला कचरा आधे से भी कम कर दिया है।
निगम की आपके प्रति ज़िम्मेदारी
अलग किए गए कचरे का घर-घर से संग्रह, अलग-अलग परिवहन, और फेंकने के बजाय प्रसंस्करण। संग्रहकर्ता आपके अलग किए कचरे को मिला रहा है? फ़ोटो के साथ GMDA पोर्टल या Swachhata ऐप पर शिकायत करें। फ़ोरम सोसाइटियों के लिए कंपोस्टिंग शुरू करने की कार्यशालाएँ (क्लिनिक) चलाता है।